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| छत्तीसगढ़ में बढ़ते PNG नेटवर्क के बीच LPG कनेक्शन सरेंडर की शर्त बनी चुनौती। |
कंपनियों के अनुसार, किसी घर में PNG सप्लाई शुरू होने के बाद तय अवधि के भीतर उसी पते का LPG कनेक्शन सरेंडर करना होता है। यही शर्त कई उपभोक्ताओं के लिए परेशानी की वजह बनी हुई है। उन्हें चिंता है कि अगर किसी कारण से पाइपलाइन से गैस की सप्लाई रुक गई तो उनके पास LPG सिलेंडर का विकल्प नहीं रहेगा।
हालांकि, अगर उपभोक्ता के पास दूसरा मकान है तो LPG कनेक्शन को उस दूसरे पते पर ट्रांसफर कराया जा सकता है। इसके बावजूद एक ही पते पर PNG और LPG दोनों कनेक्शन रखने की अनुमति नहीं होने से कई परिवार PNG सप्लाई शुरू कराने को लेकर असमंजस में हैं।
किराएदारों के लिए मकान बदलना बड़ी चिंता
PNG को लेकर किराए के मकानों में रहने वाले परिवारों की समस्या अलग है। मकान बदलने की स्थिति में पाइपलाइन और मीटर पुराने घर में ही रहेंगे, जबकि LPG सिलेंडर को नए पते पर ले जाना आसान होता है।
PNG की पाइपलाइन रसोई और चूल्हे से स्थायी रूप से जुड़ी होती है। ऐसे में बार-बार मकान बदलने वाले परिवार LPG सिलेंडर को अधिक सुविधाजनक मान रहे हैं। इसी वजह से किराएदारों के बीच PNG कनेक्शन को लेकर झिझक बनी हुई है।
सरगुजा संभाग में अभी तैयार हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर
BPCL के रीजनल प्रोजेक्ट मैनेजर ढोबा परिदा के अनुसार, मध्यप्रदेश के शहडोल से करीब 214 किमी लंबी पाइपलाइन लाई जा रही है। कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा में पहाड़ काटकर पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है।
इस परियोजना के लिए अलग-अलग स्तरों पर मंजूरी लेनी पड़ रही है। शहरी गैस वितरण नीति-2026 लागू होने के बाद अनुमतियां मिलने की प्रक्रिया आसान हुई है और काम में तेजी आई है। इन जिलों में अभी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है और घरेलू कनेक्शन देना शुरू नहीं हुआ है।
10 लाख से ज्यादा घरों तक PNG नेटवर्क पहुंचाने का लक्ष्य
राज्य में सिटी गैस वितरण नीति लागू होने के बाद PNG नेटवर्क के विस्तार की प्रक्रिया तेज हुई है। प्रदेश में 10 लाख से ज्यादा घरेलू कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। अकेले रायपुर में करीब एक लाख घरों तक PNG नेटवर्क पहुंचाने की योजना है।
फिलहाल रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, अंबिकापुर, मनेंद्रगढ़, रायगढ़, राजनांदगांव, जगदलपुर और कोरबा समेत प्रमुख शहरों पर फोकस किया जा रहा है। रायपुर के भनपुरी, टाटीबंध, सरोना, फाफाडीह और अवंति विहार की कुछ कॉलोनियों में PNG सप्लाई शुरू हो चुकी है।
इसके अलावा बिलासपुर, रायगढ़, बलौदाबाजार और जांजगीर-चांपा समेत अन्य क्षेत्रों में नेटवर्क बिछाने का काम चल रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में गैस वितरण का जिम्मा चार कंपनियों को दिया गया है।
इन कंपनियों के पास अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी
हरियाणा सिटी गैस के पास रायपुर, बलौदाबाजार और गरियाबंद का नेटवर्क है। अडानी टोटल गैस के जिम्मे बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, महासमुंद, कबीरधाम, राजनांदगांव, कांकेर, मुंगेली, बेमेतरा, बालोद और धमतरी समेत कई जिले हैं।
BPCL कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा में नेटवर्क विकसित कर रही है। वहीं, बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा, बस्तर, कोंडागांव, बीजापुर और नारायणपुर में GAIL की जिम्मेदारी है।
PNG कनेक्शन को लेकर क्या हैं मौजूदा नियम
जहां पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां नियम के तहत PNG कनेक्शन लेना अनिवार्य है। PNG लेने के बाद एक ही पते पर LPG कनेक्शन बनाए रखने की अनुमति नहीं है, इसलिए LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
अगर उपभोक्ता के पास दूसरा घर है तो LPG कनेक्शन को उस पते पर ट्रांसफर कराया जा सकता है। किराएदार के मामले में मकान मालिक आवेदन कर सकता है। इसके लिए किराएदार को मालिक की NOC या वैध किरायानामा देना होगा।
PNG के लिए नया चूल्हा खरीदना जरूरी नहीं है। मौजूदा चूल्हे में आवश्यक बदलाव करके उसे PNG के अनुकूल बनाया जा सकता है।
कंपनियों के मुताबिक PNG की सप्लाई 24 घंटे और 365 दिन उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। तकनीकी खराबी की स्थिति में उसे दूर कर सप्लाई तत्काल बहाल करने की बात कही गई है।
अगर किसी उपभोक्ता को PNG कनेक्शन बंद कराना है तो निर्धारित फॉर्म में ठोस कारण के साथ आवेदन देना होगा। अंतिम बिल बनने के बाद 15 दिन में कनेक्शन बंद किया जाएगा।
हरियाणा सिटी गैस के एरिया मैनेजर राकेश रंजन ने कहा, "कनेक्शन और मीटर लगने के बाद भी लोग सप्लाई शुरू कराने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि वे एलपीजी नहीं छोड़ना चाहते। सबसे ज्यादा परेशानी किराएदारों को है। मकान बदलने की आशंका के कारण वे पीएनजी लेने से कतरा रहे हैं।"
