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| भिलाई नगर थाना क्षेत्र में बीमा प्रीमियम के नाम पर ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। |
आरोपी ने अनिल को बताया कि D2C कोड के जरिए भुगतान करने पर करीब 18 हजार रुपए कम देने होंगे। इसके बाद WhatsApp पर मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के नाम से पेमेंट लिंक भेजा गया। आरोपी के बताए तरीके से प्रक्रिया पूरी करते हुए अनिल ने Google Pay से बताए गए बैंक खाते में 89 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में WhatsApp पर पेमेंट की रिसीविंग भी भेजी गई, जिससे उन्हें लगा कि पॉलिसी का प्रीमियम जमा हो चुका है।
ऑफिस में आया फोन, आरोपी ने बताई पॉलिसी की जानकारी
अनिल कुमार पी. ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 28 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:45 बजे वह डीपीएस स्कूल में अपने कार्यालय में थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम राहुल शर्मा बताया।
फोन करने वाले ने अनिल की पत्नी के नाम से चल रही मैक्स लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की जानकारी दी। उसने कहा कि पॉलिसी का दूसरा प्रीमियम पेंडिंग है और इसे जमा करने के लिए 1 लाख 7 हजार 455 रुपए की जरूरत होगी।
पॉलिसी से संबंधित जानकारी आरोपी को पहले से पता होने के कारण अनिल को उसकी बात पर भरोसा हो गया। इसके बाद आरोपी ने भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया बताकर उन्हें अपने जाल में फंसाना शुरू किया।
D2C कोड के नाम पर कम भुगतान का झांसा
आरोपी ने अनिल से कहा कि अगर वह D2C कोड के जरिए भुगतान करते हैं तो उन्हें करीब 18 हजार रुपए कम देने होंगे। उसने यह भी बताया कि वह कुछ अवधि के लिए एक वास्तविक लिंक मौजूद कराएगा, जिससे राशि का लेन देन किया जा सकेगा।
इसके बाद WhatsApp पर एक अन्य मोबाइल नंबर से मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के नाम से पेमेंट लिंक भेजा गया। अनिल ने आरोपी के बताए अनुसार लिंक खोला और उसमें पॉलिसी नंबर दर्ज किया।
मैक्स लाइफ इंश्योरेंस का बैंक खाता बताकर कराया ट्रांसफर
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने इसके बाद एक बैंक खाता नंबर बताया और उसे मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का बैंक खाता बताया। पीड़ित ने खाते में कंपनी का नाम सत्यापित होने के बाद अपने Google Pay से 89 हजार रुपए उस खाते में ट्रांसफर कर दिए।
रकम भेजने के बाद WhatsApp पर पेमेंट की रिसीविंग भी भेजी गई। रिसीविंग मिलने के कारण अनिल को लगा कि उनकी पत्नी की बीमा पॉलिसी का प्रीमियम सफलतापूर्वक जमा हो गया है।
दो दिन तक पॉलिसी अपडेट नहीं होने पर हुआ शक
पैसा तबादला करने के लगभग दो दिन बाद भी नीति का ऑनलाइन विवरण का ताजा जानकारी नहीं मिल पाया। इसके बाद अनिल को राशि जमा को लेकर आशंका हुआ और उन्होंने संबंधित जानकारी की छानबीन की।
जांच करने पर उन्हें पता चला कि वह ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत साइबर सेल भिलाई भट्ठी में दर्ज कराई और शिकायत का एकनॉलेजमेंट नंबर भी प्राप्त किया। साथ ही पंजाब नेशनल बैंक में भी ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई।
भिलाई नगर पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत मिलने के बाद भिलाई नगर थाने की पुलिस ने मामले में धारा 318 (4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबरों और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
जांच में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की डिटेल, बैंक खाते और फोन के जरिए संपर्क करने वाले व्यक्ति की जानकारी खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि 89 हजार रुपए किस खाते में पहुंचे और वहां से रकम को आगे किन खातों में ट्रांसफर किया गया।
इसके साथ ही ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और WhatsApp अकाउंट की भी जांच की जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में शामिल आरोपियों और पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आ सकेगी।
