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| 4.50 करोड़ रुपये के जमीन सौदे में कथित धोखाधड़ी मामले में तीन लोगों पर FIR। |
यह मामला रायपुर निवासी बीपी सिंह की ओर से दायर निजी परिवाद से जुड़ा है। शिकायत पर सुनवाई के बाद अदालत ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला बनता पाया और तीनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया। साथ ही उतई थाना पुलिस को निर्देश दिया गया है कि 15 दिनों के भीतर दर्ज की गई FIR और अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 में छांटा स्थित गिट्टी खदान और उससे लगी 25 एकड़ जमीन का सौदा 4 करोड़ 50 लाख रुपये में तय हुआ था। इस सौदे में एक चैन मशीन और दो हाइवा वाहन भी शामिल थे।
परिवाद में कहा गया है कि कुल 25 एकड़ जमीन में से 13 एकड़ जमीन आरोपियों के नाम पर थी। वहीं 7 एकड़ दान की जमीन और 5 एकड़ सरकारी लीज वाली जमीन को भी इस सौदे का हिस्सा बताया गया था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने इस सौदे के लिए कुल 4 करोड़ 39 लाख रुपये चेक के जरिए दिए। आरोप के मुताबिक 2 करोड़ 90 लाख रुपये मानवचंद सिंह के खाते में, 1 करोड़ रुपये रीता सिंह के खाते में और बाकी रकम रमेश चंद्र सिंह के खाते में जमा कराई गई।
शिकायत में कहा गया है कि पूरी राशि का भुगतान करने के बावजूद केवल 7 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। आरोप है कि बाकी जमीन का न तो नामांतरण कराया गया और न ही सौदे से जुड़ी अन्य शर्तों का पालन किया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई गई तो कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। उनके अनुसार, जिन लोगों ने जमीन बेचने का दावा किया था, वे संबंधित जमीन के वास्तविक मालिक नहीं थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रीता सिंह, रमेश चंद्र सिंह और मानवचंद सिंह ने आपस में मिलकर फर्जी इकरारनामा और अन्य दस्तावेज तैयार किए। आरोप यह भी है कि असली जमीन मालिकों के स्थान पर दूसरे लोगों से हस्ताक्षर कराए गए और गलत जानकारी के आधार पर करोड़ों रुपये का यह सौदा किया गया।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने इसे धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला मानते हुए उतई थाना पुलिस को संबंधित धाराओं में FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत ने पुलिस से यह भी कहा है कि 15 दिनों के भीतर दर्ज की गई FIR और अब तक की गई जांच व कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट उसके समक्ष पेश की जाए।
अब जांच के दौरान जमीन के वास्तविक मालिकाना हक, दस्तावेजों की वैधता, सौदे से जुड़े रिकॉर्ड और पैसों के लेनदेन सहित मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
