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| दुर्ग हत्या मामले में पुलिस ने नागपुर से तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया। |
पुलिस के मुताबिक, दोनों सगी बहनों ने अपनी नानी से 2 लाख रुपये की मांग की थी। जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उन्होंने तकिए से नानी का मुंह दबाया और स्टील की बोतल से सिर पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों घर में रखी नकदी और जेवर लेकर फरार हो गई थीं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बड़ी बहन ने अपने बॉयफ्रेंड की मदद से चोरी किए गए जेवर बेच दिए थे। इसी मामले में पुलिस ने मंगलवार को उसके बॉयफ्रेंड को नागपुर से गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला उतई थाना क्षेत्र का है।
यह घटना 24 जुलाई 2024 की है। कुबेर अपार्टमेंट में रहने वाली अतिंदर शाहनी (56) घर में अकेली रहती थीं। 27 जुलाई को कई दिनों तक घर का दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस अंदर पहुंची, जहां उनका शव सड़ी-गली अवस्था में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि उनकी हत्या कई दिन पहले की जा चुकी थी।
शुरुआती जांच में यह मामला अंधे कत्ल जैसा दिखाई दे रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस के सामने पूरी साजिश उजागर हो गई। जांच में पता चला कि हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि अतिंदर शाहनी की दो सगी नातिनों ने पैसों और जेवर के लालच में अपने साथी के साथ मिलकर की थी।
पुलिस की जांच में सामने आया कि दोनों बहनें लंबे समय से अपनी नानी से पैसों की मांग कर रही थीं। पुलिस के अनुसार, रकम नहीं मिलने पर उन्होंने नानी को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसके बाद दोनों ने हत्या की योजना बनाई। 24 जुलाई 2024 को दोनों बहनें नागपुर से छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के जरिए दुर्ग पहुंचीं।
दुर्ग पहुंचने के बाद दोनों ऑटो से सीधे पुरई स्थित अपनी नानी के घर गईं। जैसे ही दरवाजा खुला, बड़ी नातिन दीपजोत कौर संधु उर्फ निक्की ने उनका मुंह दबा दिया। इसके बाद दोनों बहनों ने दुपट्टे से उनके हाथ-पैर बांध दिए, मुंह पर तकिया रख दिया और स्टील की पानी की बोतल से सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद दोनों बहनों ने घर में रखी नकदी, जेवर, मोबाइल और अन्य जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। उन्होंने अतिंदर शाहनी के शरीर पर मौजूद गहने भी उतार लिए। इसके बाद दोनों नानी की स्कूटी लेकर राजनांदगांव पहुंचीं। वहां स्कूटी को बस में रखकर नागपुर ले गईं और बाद में पुलिस से बचने के लिए उसे रेलवे ट्रैक के पास छोड़ दिया।
वारदात के बाद पूछताछ के दौरान दोनों बहनों ने पुलिस को गुमराह करने की लगातार कोशिश की। हालांकि घटनास्थल से मिले सबूत, तकनीकी जांच और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार पर पुलिस ने पूरी साजिश का खुलासा किया है ।
इसके बाद पुलिस ने दीपजोत कौर संधु उर्फ निक्की और उसकी नाबालिग बहन को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से करीब 4 लाख रुपये के जेवर और लूटी गई नकदी भी बरामद की गई। पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश और वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।
जांच के दौरान पुलिस को सुमित हीरानंद लालवानी की भूमिका से जुड़े अहम सबूत भी मिले। इसके बाद उसे इस मामले में आरोपी बनाया गया, लेकिन वह फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने और शहर बदलता रहा।
आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार लगी हुई थीं। आखिरकार तकनीकी इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसकी मौजूदगी महाराष्ट्र के नागपुर में मिली। इसके बाद पुलिस ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने मामले से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी पुलिस को दी हैं।
उतई थाना में दर्ज इस हत्या के मामले में अब तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें बड़ी नातिन दीपजोत कौर संधु उर्फ निक्की, उसकी नाबालिग बहन और तीसरा आरोपी सुमित हीरानंद लालवानी शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और इससे जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ इस हत्याकांड की जांच में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कड़ी को पूरा कर लिया है।
