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| मोहन नगर थाना क्षेत्र में फर्जी नंबर प्लेट के मामले में पुलिस ने टोयोटा यारिस जब्त की। |
दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में फर्जी नंबर प्लेट का मामला सामने आया है। रायपुर के एक युवक की टोयोटा यारिस सड़क पर कहीं गई नहीं थी, लेकिन उसके वाहन के पंजीयन नंबर पर करीब एक साल तक अलग-अलग जगहों के ट्रैफिक चालान और टोल की रकम कटती रही। पुलिस जांच में सामने आया कि वही नंबर दूसरी टोयोटा यारिस पर लगाया गया था।
रायपुर निवासी 26 वर्षीय मोनिश सोनी के नाम टोयोटा यारिस CG 07 BZ 5226 दुर्ग RTO में पंजीकृत है। मोनिश के मुताबिक, पिछले करीब एक साल से उन्हें ऐसे ट्रैफिक चालान और टोल कटने के मैसेज मिल रहे थे, जिन जगहों पर उनकी कार गई ही नहीं थी।
मोनिश ने बताया कि उनके वाहन के नंबर पर करीब 2 हजार रुपये के चालान और 7 से 8 हजार रुपये की टोल राशि कट चुकी थी। लगातार अनजान जगहों से मैसेज मिलने के बाद उन्हें शक हुआ कि कोई दूसरा वाहन उनके नंबर का इस्तेमाल कर रहा है।
इसके बाद मोनिश ने 24 अगस्त को मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्ध वाहन की तलाश की।
जांच के दौरान हरी नगर स्थित रजत डोम के पास पुलिस को एक टोयोटा यारिस मिली। इस कार पर भी CG 07 BZ 5226 नंबर लगा हुआ था। पुलिस के अनुसार, यह कार हरी नगर निवासी 28 वर्षीय विजय सेन की है।
पुलिस के मुताबिक, विजय सेन अपनी टोयोटा यारिस पर दूसरे वाहन का पंजीयन नंबर इस्तेमाल कर रहा था। इसके कारण सड़क पर चलने वाले इस वाहन से जुड़े चालान और टोल की जानकारी मोनिश की कार के नंबर पर दर्ज होती रही।
इस स्थिति में वास्तविक वाहन मालिक को ऐसे चालान और टोल का सामना करना पड़ा, जिनसे उसका कोई संबंध नहीं था। लगातार मिलने वाले मैसेज के कारण उसे आर्थिक नुकसान के साथ परेशानी भी हुई।
मोहन नगर पुलिस ने संदिग्ध टोयोटा यारिस को जब्त कर विजय सेन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी वाहन से संबंधित वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका। जब्त वाहन की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर आरोपी ने पिछले दिनों किन-किन स्थानों पर वाहन चलाया। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि नंबर का इस्तेमाल केवल चालान और टोल से बचने के लिए किया गया था या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
मोनिश की शिकायत पर मोहन नगर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 600/2026 दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 336(3), 340(2), 345(3) और 347(1) के तहत कार्रवाई की है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
यह मामला उन वाहन मालिकों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिन्हें अपने वाहन के नाम पर अनजान जगहों से चालान या टोल कटने के मैसेज मिलते हैं। ऐसे मैसेज को नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित विभाग या पुलिस को इसकी जानकारी देना जरूरी है, ताकि नंबर के गलत इस्तेमाल की जांच हो सके।
