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| मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बगिया में साइंस ऑन व्हील्स वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। |
छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को अब विज्ञान और तकनीक को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय प्रयोगों और गतिविधियों के जरिए समझने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैम्प कार्यालय बगिया में ‘साइंस ऑन व्हील्स’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह चलती-फिरती विज्ञानशाला स्कूलों तक वैज्ञानिक मॉडल, प्रयोग और प्रदर्शनियां पहुंचाएगी।
इस पहल का विशेष लाभ उन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है, जहां आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों तक पहुंच सीमित है। वाहन के माध्यम से बच्चों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विषयों को सरल और रोचक तरीके से समझने तथा खुद गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में अपने आसपास की दुनिया को जानने और समझने की स्वाभाविक जिज्ञासा होती है। इस जिज्ञासा को वैज्ञानिक सोच, प्रयोग और नवाचार से जोड़ना जरूरी है। उनके अनुसार, साइंस ऑन व्हील्स किताबों में पढ़े विज्ञान को प्रयोगों के माध्यम से समझने में मदद करेगी और विद्यार्थियों में सवाल पूछने तथा वैज्ञानिक समाधान तलाशने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देगी।
उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी आज जीवन के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नई तकनीकों और नवाचार के बढ़ते महत्व को देखते हुए विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के दौरान ही इनके व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराना उपयोगी होगा। यह पहल बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें विज्ञान, अनुसंधान तथा नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में सहायक हो सकती है।
साइंस ऑन व्हील्स में विज्ञान को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया है। विद्यार्थियों को प्रयोग करने, गतिविधियों में हिस्सा लेने और वैज्ञानिक मॉडलों के जरिए विभिन्न अवधारणाओं को समझने का अवसर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य सीखने की प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और रोचक बनाना है।
इस कार्यक्रम में चार प्रमुख मॉड्यूल के माध्यम से विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों से जोड़ा जाएगा। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के जरिए उन्हें ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान से परिचित कराया जाएगा। रोबोटिक्स मॉड्यूल नई तकनीकों, नवाचार और भविष्य के तकनीकी कौशल को समझने में मदद करेगा।
सतत विकास से जुड़े मॉड्यूल में पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और बेहतर भविष्य के निर्माण से संबंधित विषयों को समझाया जाएगा। वहीं जल निस्पंदन के जरिए स्वच्छ जल, जल संरक्षण और इससे जुड़े वैज्ञानिक समाधानों को प्रयोगों के माध्यम से बताया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य केवल एक बार विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रयोग दिखाना नहीं है। अलग-अलग गतिविधियों, मॉडलों और प्रदर्शनों के माध्यम से बच्चों में विज्ञान, तकनीक और नवाचार के प्रति निरंतर रुचि विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके जरिए उन्हें सवाल पूछने, जवाब तलाशने और नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जाएगा।
पहल के माध्यम से वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समस्या-समाधान, तार्किक सोच, रचनात्मकता और नवाचार जैसी क्षमताओं को प्रोत्साहित करने का भी प्रयास है। भविष्य की तकनीकों से शुरुआती परिचय विद्यार्थियों को बदलती दुनिया की जरूरतों को समझने में मदद कर सकता है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की पहल के अंतर्गत इस परियोजना को सहयोग दिया जा रहा है। ‘साइंस ऑन व्हील्स’ एक राष्ट्रीय पहल है, जिसे छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में प्लक्ष विश्वविद्यालय, IDYM फाउंडेशन और IIT मंडी के सहयोग से लागू किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में इस पहल के जरिए विज्ञान की practical education को विद्यार्थियों के करीब लाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, उन्हें नई तकनीक और नवाचार से जोड़ना तथा ज्ञान और विज्ञान के माध्यम से सशक्त भारत के निर्माण में उनकी भूमिका के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार समेत स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और अन्य गणमान्यजन मौजूद रहे।
