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| स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स और स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी। |
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों और आने वाली योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। साथ ही प्रदेश में एनालॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने का फैसला भी लिया गया है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत बस्तर में बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया गया, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य सचिव द्वारा मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठे। कार्रवाई और शिकायतों से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने के लिए व्यक्ति विशेष की नियुक्ति की मांग की गई, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34.29 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 99 प्रतिशत है। इस अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग और मुख कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका इलाज शुरू कराया गया।
उन्होंने बताया कि 60 हजार से ज्यादा गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया। इसके अलावा 10,938 हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी करते हुए उनके उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में जल्द ही पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। उनका कहना है कि इससे अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को प्रशिक्षित तकनीकी एवं पैरामेडिकल स्टाफ मिलेगा। साथ ही युवाओं के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हब एंड स्पोक मॉडल और आईटी आधारित रिपोर्टिंग सिस्टम की मदद से दूरस्थ क्षेत्रों तक भी समय पर और गुणवत्तापूर्ण जांच सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस संचालित की गई हैं। मंत्री ने बताया कि जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है।
मलेरिया नियंत्रण को लेकर भी स्वास्थ्य मंत्री ने उपलब्धियों का दावा किया। उन्होंने कहा कि रणनीतिक कार्ययोजना और लगातार निगरानी के चलते बस्तर संभाग में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है। वहीं प्रदेश का वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य मलेरिया से एक भी मौत नहीं होने देना है।
मंत्री ने जानकारी दी कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव कराए गए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित विशेषज्ञ जांच, हाई-रिस्क गर्भावस्था की पहचान और आवश्यक उपचार लगातार सुनिश्चित किया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर भी स्वास्थ्य मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को प्रदेश में एनालॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी प्रतिबंध लागू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
