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| बकाया बिजली बिल जमा होने के बाद तीनों जोन कार्यालयों में सप्लाई बहाल हुई। |
इसके बाद संबंधित तीनों जोन कार्यालयों में बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। निगम के उपायुक्त दीपक कोसरिया के मुताबिक, जोन नंबर-1, जोन नंबर-3 और एक अन्य जोन कार्यालय का बिजली बिल बकाया था। आयुक्त को बिजली बंद होने की जानकारी मिलते ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू कराई गई और करीब एक घंटे के भीतर बिजली फिर से चालू हो गई।
जोन नंबर-1 का करीब 9 लाख रुपए बकाया था। बाकी संबंधित जोन कार्यालयों का भी कुछ बिजली बिल बाकी था, जिसे अब जमा कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि नगर निगम पर बिजली विभाग का करीब 195 करोड़ रुपए बकाया है।
बिजली बंद होने के दौरान भाजपा के पूर्व पार्षद ललित मोहन भी जोन कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वे सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती एक मरीज का आयुष्मान कार्ड बनवाने गए थे। इसी दौरान उन्हें जोन कार्यालयों की बिजली बंद होने की जानकारी मिली।
ललित मोहन ने कहा कि नगर निगम को जरूरी सेवाओं और बिजली बिल जैसे खर्चों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने ट्यूबलर पोल, बैडमिंटन ग्राउंड और वर्टिकल गार्डन समेत दूसरी योजनाओं पर होने वाले खर्च की जरूरत और समीक्षा को लेकर भी सवाल उठाए।
इसी बीच भाजपा पार्षद महेश वर्मा ने बिजली बिल का भुगतान समय पर नहीं होने पर आगे स्ट्रीट लाइट की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई। उनका कहना है कि शहर की ज्यादातर सड़कों पर रात के समय स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं।
महेश वर्मा ने कहा कि शहर में अंधेरा रहने से दुर्घटनाओं के साथ-साथ चोरी जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने बिजली सप्लाई और स्ट्रीट लाइट को लेकर स्थिति पर चिंता जताई।
मामले पर महापौर नीरज पाल ने कहा कि जोन कार्यालय की बिजली काटे जाने की बात पहली बार सामने आई है। उन्होंने बताया कि कुछ जगहों पर बिजली बंद होने की जानकारी मिली थी, जहां बिजली का बिल ज्यादा आ रहा था।
महापौर ने कहा कि नगर निगम और बिजली विभाग दोनों सरकार के ही विभाग हैं, इसलिए निगम की बिजली काटे जाने की बात सही नहीं है। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी लेने की बात कही है।
वहीं, निगम उपायुक्त दीपक कोसरिया ने दोहराया कि कुछ जोन कार्यालयों का बिजली बिल बकाया था। इनमें जोन नंबर-1, जोन नंबर-3 और एक अन्य जोन शामिल था। आयुक्त को जानकारी मिलने के बाद बिजली विभाग से संपर्क किया गया और बकाया राशि जमा कराई गई।
भुगतान के बाद संबंधित जोन कार्यालयों की बिजली करीब एक घंटे में फिर से चालू हो गई। फिलहाल तीनों कार्यालयों में बिजली सप्लाई बहाल है और कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है।
