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| बिलासपुर में बिजली और नगर निगम व्यवस्था पर हाईकोर्ट ने समीक्षा की। |
रिपोर्ट में तीन नए सब-स्टेशन और दो नए बिजली सप्लाई जोन स्थापित करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इन प्रस्तावों पर डिवीजन बेंच ने सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही अगली सुनवाई से पहले 25 अगस्त तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
बिजली विभाग ने अपने शपथ पत्र में बताया कि शहर में दुर्घटनाओं की आशंका पैदा कर रहे 21 जर्जर सीमेंट के बिजली खंभों को हटाकर उनकी जगह लोहे के पोल लगाए जा चुके हैं। ऊंचे बिजली खंभों और ट्रांसफॉर्मरों की आपातकालीन मरम्मत के लिए नए स्काई लिफ्ट वाहन खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिसके लिए 23 जुलाई 2026 को टेंडर जारी किया गया।
विभाग ने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर अन्य विभागों के वाहनों का भी उपयोग किया जा रहा है ताकि आपात स्थितियों में काम प्रभावित न हो।
बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए मंगला जोन और कोनी जोन के नाम से दो नए बिजली सप्लाई जोन बनाने का प्रस्ताव तैयार कर रायपुर मुख्यालय भेजा गया है।
लोखंडी गांव में एक एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज सब-स्टेशन के निर्माण के लिए तहसीलदार सकरी ने 21 जुलाई को जमीन आवंटन की सार्वजनिक सूचना जारी की है। वहीं पुराने बस स्टैंड के जवाली नाला और मंगला रिवर व्यू क्षेत्र में 33/11 केवी के दो नए सब-स्टेशन बनाने के लिए 10 जुलाई को कलेक्टर से भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार बारिश और तेज हवा के दौरान बिजली लाइनों पर गिरने वाले विज्ञापन बोर्ड और अवैध होर्डिंग्स को जीपीएस कोऑर्डिनेट के साथ चिन्हित कर उनकी सूची नगर निगम को हटाने के लिए सौंप दी गई है।
राज्य सरकार से मिले 10 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट का उपयोग शहर की खुली बिजली लाइनों को कवर्ड कंडक्टर में बदलने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा राहत कार्यों के लिए मंजूरी मिल चुकी है और फील्ड में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती के आदेश भी जारी किए गए हैं।
नगर निगम कमिश्नर ने अपने शपथ पत्र में बताया कि नेहरू चौक स्थित विकास भवन में 24 घंटे फ्लड कंट्रोल सेल संचालित किया जा रहा है। मानसून शुरू होने से पहले नगर निगम के सभी आठ जोन में छोटे और बड़े नालों की सफाई पूरी कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम में मिलने वाली सभी शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है और उनका तत्काल निराकरण किया जा रहा है। जलभराव वाले क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, फॉगिंग और नालियों की सफाई भी कराई जा रही है।
