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| साइंस कॉलेज के दीक्षारंभ कार्यक्रम में नवप्रवेशी छात्राओं का स्वागत करते शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव। |
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि महाविद्यालय केवल डिग्री हासिल करने का स्थान नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता को निखारने और जीवन के लक्ष्य तय करने का महत्वपूर्ण मंच भी है। उन्होंने कहा कि हर छात्रा अपने भीतर असीम प्रतिभा और कई संभावनाएं लेकर आती है। जरूरत सिर्फ निरंतर शिक्षा, नियमों का पालन , रचनात्मक सोच और आत्मबल के साथ आगे बढ़ने की है।
उन्होंने छात्राओं को अपने समय का सही उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही नियमित पढ़ाई करने, पुस्तकालय का अधिक से अधिक उपयोग करने और खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, नवाचार तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं है, बल्कि ऐसे जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक तैयार करना भी है जो राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभा सकें।
गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत तथा गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि स्कूलों और महाविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक शिक्षण संसाधनों की उपलब्धता, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं।
दीक्षारंभ कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने महाविद्यालय की प्राचार्या, प्राध्यापकों और शिक्षण समिति के सदस्यों के साथ बैठक भी की। इस दौरान उन्होंने कॉलेज में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की संख्या, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की जरूरतों की जानकारी ली।
बैठक में महाविद्यालय प्रबंधन ने छात्राओं के लिए खेल मैदान सहित अन्य अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित करने की मांग रखी। इस पर शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को जल्द विस्तृत प्राक्कलन (एस्टीमेट) तैयार करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में सभापति श्याम शर्मा, पार्षद खालिक रिजवी, महाविद्यालय शिक्षण समिति के सदस्य दिनेश नालोडे, झरना वर्मा, प्रीती साहू, प्राचार्या रंजना श्रीवास्तव तथा महाविद्यालय के प्राध्यापकगण सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
