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| इंदिरा मार्केट में कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नकली सिगरेट की खेप जब्त की। |
पुलिस के अनुसार 11 अगस्त को कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह कंपनी में फील्ड ऑफिसर के पद पर कार्यरत है और कंपनी के उत्पादों की नकल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकृत है। इसी दौरान उसे सूचना मिली थी कि इंदिरा मार्केट स्थित SSD TRADERS में कंपनी के ब्रांड की नकली सिगरेट बेची जा रही है।
इंदिरा मार्केट में पुलिस की छापामार कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस की टीम SSD TRADERS पहुंची और दुकान की जांच की। छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस को ब्रांड नाम का इस्तेमाल कर तैयार की गई बड़ी संख्या में नकली सिगरेट मिलीं।
पुलिस ने मौके से कुल 18 हजार सिगरेट जब्त की। इनमें 12 हजार सिगरेट के 24 बंडल और 6 हजार सिगरेट के 12 बंडल शामिल हैं। जब्त सिगरेट की कीमत करीब 2 लाख 7 हजार रुपए बताई गई है।
पैकिंग पर कंपनी के नाम और पहचान का इस्तेमाल
पुलिस के मुताबिक, एक तरह के पैकेट पर MRP 115 रुपए और QR नंबर अंकित था। दोनों तरह की सिगरेट की पैकिंग पर कंपनी का नाम और पहचान इस्तेमाल की गई थी।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों द्वारा असली उत्पाद जैसी पैकिंग और ब्रांड नाम का इस्तेमाल करके नकली सिगरेट बेची जा रही थी। पुलिस के अनुसार इसका उद्देश्य ज्यादा कमाई करना था।
दो आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने विशाल जसवानी (36), निवासी गुरूनानक नगर, सत्यम बेकरी गली, दुर्ग और निखिल सिहानी (29), निवासी सदानी नगर, सिंधी कॉलोनी, दुर्ग को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी मोहन नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
कॉपीराइट अधिनियम के तहत केस दर्ज
सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318 (4) और कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, मामले की आगे जांच जारी है।
नकली सिगरेट की सप्लाई को लेकर जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली सिगरेट कहां से लाई गई थी और दुर्ग में इसे किन-किन दुकानों पर बेचने की तैयारी थी। इसके अलावा नकली उत्पाद तैयार करने और उसकी सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
