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| दुर्ग-भिलाई में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के लिए QR कोड रजिस्ट्रेशन व्यवस्था। |
यात्री इस QR कोड को स्कैन करके चालक की पहचान और उससे जुड़ी जानकारी देख सकेंगे। सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी सामने आने पर इससे चालक की पहचान करना आसान होगा। यातायात पुलिस का कहना है कि व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराने के साथ शहर में ऑटो संचालन को व्यवस्थित करना है।
बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में करीब 150 ऑटो चालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चालकों को नई व्यवस्था की जानकारी दी गई और QR कोड रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया का Demo भी दिखाया गया।
ASP कौशलेंद्र देव पटेल ने बताया कि सभी ऑटो और ई-रिक्शा का सत्यापन किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के बाद प्रत्येक चालक की जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज रहेगी और QR कोड के माध्यम से यात्रियों को भी यह जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।
ऑटो खड़े करने की जगह और रोटेशन भी होगा तय
इसके साथ ही चालकों के लिए रोटेशन सिस्टम बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य सभी चालकों को बारी-बारी से सवारी मिलने की व्यवस्था करना और सड़कों पर अनावश्यक ऑटो की भीड़ को कम करना है। किराये को लेकर भी व्यवस्था तैयार करने की बात कही गई है।
कागजात पूरे रखने के निर्देश
बैठक में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को अपने वाहनों के सभी दस्तावेज पूरे और अपडेट रखने के निर्देश दिए गए। चालकों से वैध Driving Licence के बिना ऑटो या ई-रिक्शा नहीं चलाने के लिए भी कहा गया।
जिन चालकों के वाहनों के कागजात पूरे नहीं हैं, उनके दस्तावेज बनवाने के लिए परिवहन विभाग से चर्चा की जाएगी। सरकारी शुल्क में जरूरी कागजात बनवाने की सुविधा दिलाने की कोशिश भी की जाएगी।
मोबाइल से समझाई गई QR कोड रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
जनहित फाउंडेशन रायपुर के ऋषभ सोनी ने ऑटो चालकों को PPT और Mobile के माध्यम से QR कोड रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने मोबाइल पर रजिस्ट्रेशन करने का तरीका Step-by-Step बताया।
बैठक के दौरान चालकों को मौके पर ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया का Demo दिया गया, ताकि 16 अगस्त से शुरू होने वाली प्रक्रिया में उन्हें परेशानी न हो। यातायात पुलिस के अनुसार, नई व्यवस्था से यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन को भी व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।



