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| जामुल में CSC संचालक के बैंक खाते से जुड़े कथित साइबर ठगी के लेनदेन की जांच। |
यह घटना 10 मार्च 2026 की शाम करीब 6:10 बजे की बताई गई है। उस समय चंदन साहू जामुल में बिजली ऑफिस के पास स्थित अपने ऑनलाइन CSC सेंटर में मौजूद थे। इसी दौरान बानबरद निवासी उषा कोसरे उनके पास पहुंची और बताया कि उसके घर में मेडिकल इमरजेंसी है, जबकि उसके परिजन पैसे भेज रहे हैं लेकिन उसके अपने खाते से रकम नहीं निकल पा रही है।
शिकायत के अनुसार, मदद करने के उद्देश्य से चंदन ने उषा को अपना IDFC First Bank खाता नंबर और मोबाइल नंबर दे दिया। आरोप है कि इसके बाद उषा ने मोबाइल पर किसी व्यक्ति से बातचीत की और चंदन के बैंक खाते की जानकारी उसके साथ साझा की।
कुछ ही समय बाद चंदन के खाते में UPI के जरिए दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 50-50 हजार रुपए जमा हुए। इस तरह खाते में कुल 1 लाख रुपए आए। आरोप है कि रकम आने के बाद उषा ने चंदन से पूरी राशि नकद ले ली और वहां से चली गई।
12 मार्च को घटना के दो दिन बाद चंदन को बैंक की ओर से फोन आया। बैंक अधिकारियों ने उन्हें बताया कि साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन के चलते उनका बैंक खाता होल्ड कर दिया गया है। इसके बाद उन्हें जानकारी हुई कि उनके खाते में आई रकम कथित तौर पर धोखाधड़ी से जुड़े किसी खाते से भेजी गई थी।
शिकायत में चंदन ने यह भी दावा किया है कि उनके अलावा चार अन्य CSC संचालकों के बैंक खातों का इस्तेमाल भी इसी तरह किया गया। आवेदन में देवा साहू के खाते से 1 लाख रुपए, अखिलेश कुमार के खाते से 50 हजार रुपए, बच्चन कुमार के खाते से 1 लाख रुपए और ईश्वरी देवांगन के खाते से 1 लाख रुपए के लेनदेन का उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 12 मार्च को इन CSC संचालकों के बैंक खाते और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर साइबर सेल की ओर से फ्रिज और ब्लॉक कर दिए गए। मामले में कई खातों के जरिए रकम ट्रांसफर कराने और बाद में उसे नकद निकालने का आरोप लगाया गया है।
3 प्रतिशत कमीशन लेने का भी आरोप
चंदन ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उषा कोसरे ने रकम आगे अन्य लोगों तक पहुंचाने की बात कही थी। शिकायत में दिनेश मालवीय, लोकेश मालवीय और रिया शुक्ला के नाम भी सामने आए हैं। आवेदन में पूरी रकम पर करीब 3 प्रतिशत कमीशन लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
वहीं, 15 मार्च को चंदन को जानकारी मिली कि सरोज देवी के बैंक खाते से भी उषा कोसरे से संबंधित लेनदेन हुआ है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कई बैंक खातों का इस्तेमाल योजनाबद्ध तरीके से रकम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए किया गया।
जामुल पुलिस ने दर्ज किया अपराध
चंदन साहू के लिखित आवेदन का अवलोकन करने के बाद जामुल पुलिस ने प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) और 3 (5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। इसके बाद मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।
पुलिस अब संबंधित बैंक खातों के लेनदेन, UPI ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और रकम के स्रोत की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि इस कथित मनी म्यूलिंग नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और साइबर ठगी की रकम किस स्रोत से आई तथा आगे कहां पहुंचाई गई।
