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| रायपुर नगर निगम ने सितंबर की सात निर्धारित तारीखों पर मांस-मटन की बिक्री और परोसने पर रोक लगाई है। |
रायपुर में सितंबर महीने की सात निर्धारित तारीखों पर मांस-मटन की बिक्री और परोसने पर रोक रहेगी। रायपुर नगर निगम ने पशुवध गृह और मांस-मटन की दुकानों के साथ होटल, कैफे और रेस्टोरेंट को भी इस प्रतिबंध के दायरे में रखा है।
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर यह आदेश जारी किया है। निगम के मुताबिक, तय तारीखों पर मांस-मटन की बिक्री या परोसने की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर नगर निगम के अनुसार, 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, 7 सितंबर को पर्युषण पर्व का प्रथम दिवस और 14 सितंबर को श्री गणेश चतुर्थी के अवसर पर मांस-मटन की बिक्री और परोसने पर प्रतिबंध रहेगा।
इसके बाद 15 सितंबर को पर्युषण पर्व के अंतिम दिवस, 22 सितंबर को डोल ग्यारस, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और 26 सितंबर को पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा के अवसर पर भी यह रोक लागू रहेगी।
यह प्रतिबंध केवल मांस-मटन की दुकानों तक सीमित नहीं है। नगर निगम के आदेश के तहत होटल, कैफे और रेस्टोरेंट में भी मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री या उन्हें परोसने पर कार्रवाई की जाएगी।
निगम के अनुसार, यदि प्रतिबंधित तारीखों पर किसी प्रतिष्ठान में मांस-मटन की बिक्री या परोसने की पुष्टि होती है, तो संबंधित सामग्री जब्त की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिबंध के पालन की निगरानी जोन स्तर पर की जाएगी। नगर निगम ने सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को मांस-मटन की दुकानों के अलावा होटल, कैफे, रेस्टोरेंट और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों के निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी है।
नगर निगम ने विक्रेताओं और प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि निर्धारित सात तारीखों पर मांस-मटन की बिक्री और परोसने की गतिविधियां पूरी तरह बंद रखें।
