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| रायपुर में रक्षाबंधन की भीड़ के दौरान आभूषण चोरी के मामले में दो महिलाओं की गिरफ्तारी। |
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने शहर के अलग-अलग भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी की सात वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 10 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, 9,700 रुपये नकद, एक एक्टिवा और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार जब्त सामान की कुल कीमत करीब 12 लाख रुपये है।
मामले का खुलासा मालवीय रोड पर बच्चे के गले से सोने का लॉकेट चोरी होने की सूचना के बाद हुआ। रविवार को रक्षाबंधन की खरीदारी के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस की पैदल पेट्रोलिंग टीम को चोरी की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की। फुटेज में दो संदिग्ध महिलाएं महिलाओं और बच्चों के आसपास घूमती दिखाई दीं। हुलिए के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान उनसे चोरी की अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी मिली।
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, नंदनी राजपूत अपने बच्चों को साथ लेकर बाजारों में जाती थी। बच्चों के साथ होने के कारण उस पर लोगों को शक नहीं होता था। पुलिस का कहना है कि भीड़ का फायदा उठाकर वह बच्चों के गले से लॉकेट और चेन चोरी करती थी और इसके बाद चोरी का सामान अपनी साथी सानिया मरकाम को सौंप देती थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने गोलबाजार, महादेव घाट, इतवारी बाजार और मेला स्थलों पर चोरी की सात वारदातें करना स्वीकार किया है। इन घटनाओं से जुड़े सामान की बरामदगी आरोपियों की निशानदेही पर की गई।
पुलिस ने यह भी बताया कि नंदनी राजपूत का पति मोहन राजपूत गुढियारी थाने का हिस्ट्रीशीटर है और नारकोटिक एक्ट के मामले में जेल में सजा काट रहा है। पुलिस अब गिरोह से जुड़ी अन्य संभावित वारदातों की भी जांच कर रही है।
त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस ने पैदल पेट्रोलिंग और CCTV के जरिए निगरानी बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
