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| दुर्ग में साइबर ठगी के पैसों के लेन-देन से जुड़े 13 म्यूल बैंक खाताधारक गिरफ्तार। |
जांच के दौरान पुलिस को कुछ बैंक खातों में लगातार संदिग्ध रकम का लेन-देन मिला था। इसके बाद थाना सुपेला, भिलाई नगर और एसीसीयू की टीम ने खातों से जुड़े मोबाइल नंबर, ट्रांजेक्शन और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। इसी जांच के आधार पर 13 लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
2 से 15 हजार रुपए तक लेते थे कमीशन
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खातों के इस्तेमाल के बदले 2 हजार से 15 हजार रुपए तक कमीशन लेते थे। इसके लिए वे बैंक खाते के साथ पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड भी दूसरे लोगों को दे देते थे।
पुलिस के मुताबिक, कई मामलों में ये सामान एजेंटों के माध्यम से साइबर ठगी करने वाले लोगों तक पहुंचाया जाता था। साइबर ठगी से हासिल रकम पहले इन बैंक खातों में जमा होती थी और फिर उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था।
इस तरह रकम को अलग-अलग बैंक खातों के बीच घुमाया जाता था। पुलिस के अनुसार, इससे ठगी की रकम के वास्तविक स्रोत तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।
सुपेला से 10 और भिलाई नगर से 3 गिरफ्तार
सुपेला थाना पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अनिरुद्ध बेसरा, डिकेश साहू उर्फ गोल्डी, संदीप खन्ना, दिलबाग सिंह, शिव कुमार, सुमीत कुमार, रेहान कुरैशी, ललीत कुमार, भोज कुमार देवांगन और धनेश्वर यादव शामिल हैं।
वहीं, भिलाई नगर थाना पुलिस ने अमित कुमार, गोपी सोनी और प्रीति उपाध्याय को गिरफ्तार किया है। इस तरह दोनों थाना क्षेत्रों से कुल 13 म्यूल बैंक खाताधारक पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए हैं।
बंधन बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के खातों का उपयोग
पुलिस की जांच में सामने आया कि सुपेला क्षेत्र में बंधन बैंक से जुड़े 10 बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया गया। इसी तरह भिलाई नगर क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े 3 खातों का इस्तेमाल सामने आया है।
जांच में इन सभी खातों के जरिए 10 लाख रुपए से ज्यादा की संदिग्ध रकम के ट्रांजेक्शन मिले हैं। पुलिस अब इन लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
मोबाइल, पासबुक और एटीएम कार्ड जब्त
कार्यवाही के समय पुलिस ने दोषियों के पास से पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य जरूरी दस्तावेज बरामद किए हैं। इन चीजों के माध्यम से बैंक खातों के उपयोग और उनसे जुड़े लेन-देन की जांच की जा रही है।
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इन बैंक खातों को साइबर ठगी में इस्तेमाल करने के लिए किन लोगों और एजेंटों ने लिया था। मामले में खातों से हुए लेन-देन की आगे की जांच जारी है।
