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| दुर्ग में ऑटो और ई-रिक्शा के डिजिटल रजिस्ट्रेशन की नई व्यवस्था। |
यातायात पुलिस ने इसके लिए ऑटो रजिस्ट्रेशन पोर्टल शुरू किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में पोर्टल की शुरुआत की। पुलिस के मुताबिक, अगले एक सप्ताह तक जिले में सभी ऑटो और ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
QR कोड से वाहन और चालक की पहचान आसान होगी
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य किसी घटना, विवाद या आपात स्थिति में वाहन और चालक की पहचान जल्दी करना है। रजिस्ट्रेशन के बाद हर ऑटो पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज रहेगा और वाहन को एक QR कोड उपलब्ध कराया जाएगा।
ऑटो में सफर करते समय यात्रियों के पास कई बार चालक और वाहन से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं होती। खासकर किसी अनजान जगह से ऑटो लेने की स्थिति में यह जानकारी महत्वपूर्ण हो जाती है। QR कोड व्यवस्था से पुलिस जरूरत पड़ने पर वाहन का रजिस्ट्रेशन और चालक से संबंधित जानकारी आसानी से हासिल कर सकेगी।
आपात स्थिति में भी मददगार होगी व्यवस्था
यदि किसी यात्री का सामान ऑटो में छूट जाता है या वाहन को लेकर कोई शिकायत सामने आती है, तो संबंधित ऑटो की पहचान करना जरूरी होता है। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी और QR कोड इस प्रक्रिया में मदद करेंगे।
महिलाओं और अकेले सफर करने वाले यात्रियों के लिए भी यह व्यवस्था उपयोगी हो सकती है। खासकर रात के समय या अनजान इलाके में ऑटो से यात्रा करते वक्त वाहन का पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज होना सुरक्षा के लिहाज से मददगार रहेगा।
दुर्ग होगा छत्तीसगढ़ का तीसरा जिला
SSP ने बताया कि दुर्ग छत्तीसगढ़ का तीसरा जिला होगा, जहां ऑटो को QR कोड के जरिए डिजिटल रूप से रजिस्टर किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल ऑटो चालकों का रिकॉर्ड तैयार करना नहीं है, बल्कि यात्रियों और आम लोगों की सुरक्षा को बेहतर करना भी है।
एक सप्ताह में रजिस्ट्रेशन पूरा करने का लक्ष्य
यातायात पुलिस ने जिले के सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों से रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है। इसके लिए अगले एक सप्ताह तक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद प्रत्येक ऑटो को QR कोड दिया जाएगा। पुलिस का लक्ष्य है कि एक सप्ताह के भीतर जिले के सभी ऑटो और ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन पूरा कर इस व्यवस्था को शत-प्रतिशत लागू किया जाए।
यात्रियों को भी सामान्य सावधानी बरतने की सलाह
QR कोड व्यवस्था लागू होने के बाद भी यात्रियों को सफर के दौरान सामान्य सावधानी बरतनी चाहिए। ऑटो में बैठने से पहले वाहन का नंबर नोट करना उपयोगी रहेगा।
रात में अकेले सफर करते समय वाहन की जानकारी परिवार या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को भेजी जा सकती है। किसी परेशानी की स्थिति में ऑटो का नंबर पुलिस को बताने में भी आसानी होगी।
QR कोड के जरिए यह जानकारी पुलिस रिकॉर्ड से जोड़ने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में जनहित फाउंडेशन के ऋषभ सोनी और लॉयन्स क्लब के अधिकारी भी मौजूद रहे।
