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| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय। |
मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को जल्द मंजूरी देने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है और जरूरी प्रक्रियाएं भी पूरी हो चुकी हैं। उनके अनुसार प्लांट शुरू होने से किसानों को लाभ मिलेगा और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
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बैठक के दौरान सीएम साय ने उन 461 गांवों को स्थायी बिजली ग्रिड से जोड़ने के लिए भी केंद्र सरकार से सहयोग मांगा, जहां सुरक्षा कारणों से अब तक बिजली लाइन नहीं पहुंच सकी है। फिलहाल इन गांवों में ऑफ-ग्रिड व्यवस्था के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके साथ ही उन्होंने रायपुर या बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा और इस दिशा में सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया।
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| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करते मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय। |
उन्होंने जानकारी दी कि नक्सल प्रभावित इलाकों में बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। वहीं ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा की सुविधा मिल सके।
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स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और गीदम में मेडिकल कॉलेज भी संचालित हो रहे हैं।
सीएम साय ने प्रधानमंत्री के समक्ष बस्तर के विकास का रोडमैप रखते हुए बताया कि क्षेत्र में सड़क, रेल, बिजली और हवाई सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जगदलपुर-रावघाट रेललाइन का निर्माण कार्य 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जारी है। इसके अलावा सिंचाई, पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाओं पर काम चल रहा है।
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उन्होंने बस्तर दशहरा को वैश्विक पहचान दिलाने और चित्रकोट तथा तीरथगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों के विकास की योजना की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण बना है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में बढ़ते निवेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को करीब 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य नए उद्योगों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
महिला सशक्तिकरण के विषय में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 10.42 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। साथ ही 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2027 में रायपुर में आयोजित होने वाले लखपति दीदी सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को लगातार नई गति मिल रही है।

